ड्रम स्प्रोकेट: ये स्प्रोकेट आमतौर पर चौड़े होते हैं ताकि स्प्रोकेट और चेन के बीच सामान्य सतह संपर्क बेहतर हो सके। इससे प्रत्येक भाग पर तनाव कम होता है, जिससे भारी माल ढोने वाले कन्वेयर के लिए अधिक मजबूत प्रणाली बनती है।
ड्रम स्प्रोकेट: ये स्प्रोकेट आमतौर पर चौड़े होते हैं ताकि स्प्रोकेट और चेन के बीच सामान्य सतह संपर्क बेहतर हो सके। इससे प्रत्येक भाग पर तनाव कम होता है, जिससे भारी माल ढोने वाले कन्वेयर के लिए अधिक मजबूत प्रणाली बनती है।